(N/A) एल्कीन असंतृप्त हाइड्रोकार्बन हैं जिनमें कम से कम एक कार्बन-कार्बन द्वि-आबंध $(C=C)$ होता है। इनका सामान्य सूत्र $C_nH_{2n}$ है।
$1$. एल्कीन में समावयवता:
$4$ या अधिक कार्बन परमाणुओं वाले एल्कीन संरचनात्मक समावयवता प्रदर्शित करते हैं।
$(a)$ स्थान समावयवता:
यह कार्बन श्रृंखला में द्वि-आबंध की विभिन्न स्थितियों के कारण उत्पन्न होती है। उदाहरण के लिए,ब्यूटीन $(C_4H_8)$ स्थान समावयवता प्रदर्शित करता है:
$(I)$ $CH_2=CH-CH_2-CH_3$ (ब्यूट-$1$-ईन)
$(II)$ $CH_3-CH=CH-CH_3$ (ब्यूट-$2$-ईन)
$(b)$ श्रृंखला समावयवता:
यह कार्बन श्रृंखला की संरचना में अंतर के कारण उत्पन्न होती है। उदाहरण के लिए,ब्यूटीन $(C_4H_8)$ और $2$-मिथाइलप्रोप-$1$-ईन $(C_4H_8)$ श्रृंखला समावयवी हैं:
$(I)$ $CH_2=CH-CH_2-CH_3$ (ब्यूट-$1$-ईन)
$(III)$ $CH_2=C(CH_3)-CH_3$ ($2$-मिथाइलप्रोप-$1$-ईन)
श्रृंखला समावयवियों का आणविक सूत्र समान होता है लेकिन कार्बन कंकाल भिन्न होता है।